आज का मानव और उसका जीवन.

आज का मानव और उसका जीवन.

डर और control के आधार पर,दमन के आधार पर जीवन ।

कोई कहे रहम करो। हमारी सुनो।

हमारी आय बढ़ाओं।

वो कहते काम ज्यादा करो।

वो कहते हमें पर्याप्त परक्षिशण दो।

ऐसे मनुष्य क्या करें?

एक ही उपाय है,जब दोनों एक दूसरे की समझे।

एक दूसरे का मूल्य रख पाए। कि आपके बिना हम अधूरे हैं,और हमारे बिना आप।




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