अर्जियां

 अर्जियां(Surrendered and forgiven)(love,beauty is who  we are)

जो भी तेरे दर आया झुकने जो सर आया,मस्तियाँ पीये sabko झूमता नजर आया,प्यास लेके आया,दरिया वो bhar लाया 

नूर की बारिश में,झूमता सा tar आया 

मौला  मौला 

सर झुका के एक पल में तुझसे क्या नहीं पाया 

एक khushboo आती है,रेशमी सी,,,और मैं तकता जाता tha

जब तेरी गली आया 

सच तब ही नजर आया,मुझमे ही वो khushboo थी ,जिससे तूने मिलवाया 

Comments

Popular posts from this blog

Unity

सतयुग के मानव कैसे होंगे??*

ये समय है महापरिवर्तन का